100+ Inspiring Moral Stories in Hindi – यहां पढ़ें

100+ Inspiring Moral Stories in Hindi on Life

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World best moral stories ever – सिर्फ कहानियों के जरिये बड़े-बड़े व्यक्तियों ने जीवन कैसे जिए, जीवन में प्रगति कैसे की जाए आदि के बारे में लोगों को प्रेरणा दी है.

उदाहरण के लिए आचार्य ओशो रजनीश, पंचतंत्र के लेखक पंडित विष्णु शर्मा आदि ऐसे बहुत से महान शख्स है जिन्होंने सिर्फ moral stories in hindi के जरिये लोगो को भरपूर प्रेरणा दी है जिससे उन्होंने अपने जीवन के लक्ष्य को हासिल किया हैं (Goal achievement).

कहानिया हमें कुछ ऐसा कह जाती है, कुछ ऐसा अनुभव दे जाती है जिससे हमारे प्राण हमारी आत्मा जाग उठती है. और अगर आप ऐसा सोच रहे की कहानियां पढ़ने से कोई सफलता नहीं मिलती यह सब झूठ बाते होती है.

तो आप बिलकुल गलत सोच रहे है, है यह तो सच हैं की केवल कहानियां पढ़ने से कोई सफलता नहीं मिलती, जब तक आप इन कहानियों से मिली प्रेरणा को अपने जीवन में (Lifestyle) में नही उतारेंगे तब तक कहानियां पढ़ना व्यर्थ ही है.

ऐसी स्थिति में हर एक चीज व्यर्थ हो जाती है. जब तक आप अच्छी चीजों को अपने व्यक्तित्व में नहीं उतारेंगे तब तक आप एक सफल इंसान नहीं बन पाएंगे. इसके लिए यह बहुत जरुरी है की आप हर एक चीज पर अमल करे.

यहां प्रस्तुत हर एक (hindi moral stories ) में जीवन के प्रति गहरी प्रेरणा (deep inspiration also for kids) भरी हुए है. उम्मीद करते हैं इन मोरल स्टोरीज को पढ़कर आपका जीवन बदल जाए.

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100+ Great Moral Stories in Hindi

जो आपके पास है उसकी क़द्र करना सिखों.

बच्चों और बड़ों के लिए नैतिक व शिक्षाप्रद कहानियां

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उम्मीद करते हैं आपको यह कहानियां बहुत पसंद आई हो. 

दो के झगडे में तीसरा फायदा उठाता ही है.

इस कहावत पर यह बोलती कहानी जरूर पडें

Panchtantra story on third person – दो भूखी बिल्लीयों को एक दिन रोटी का एक टूकडा मिला. दोनों उस टुकडे पर अपना-अपना हक जमाने लगी. एक बिल्ली ने उसे उठा लिया, दूसरी बिल्ली बोली- चलो मिल बांटकर खाते हैं. पहली बिल्ली चालाक थी वह सारी रोटी खुद खाना चाहती थी.

इसलिए उसने साफ इनकार कर दिया. दोनों में झगडा होने लगा. उसी समय वहां से एक बंदर गुजर रहा था. दोनों बिल्लीयों ने उससे प्रार्थना की भाई तुम्हीं हमारा फैंसला कर दो. हमें रोटी का टुकडा मिला हैं. मैं कहती हूं मिलबांट कर खा लें, यह सारा खाना चाहती है.

बंदर ने कहा -जब तुम दोनों साथ थी तो रोटी पर किसी एक का हक कैंसे हो सकता है ? इसका तो बंटवारा होना चाहिए. यही न्याय हैं. लाओं यह रोटी मुझे दो मैं इसके दो बराबर हिस्से करके दोनों को एक-एक हिस्सा दे दूंगा.

बंदर ने रोटी के दो टुकडे किये उसने दोनों टुकडों को बारी-बारी देखा फिर सिर हिलाते हुए बोला- दोनों टुकडे बराबर नहीं हुए यह टुकडा दूसरे टुकडे से बडा है. उसने बडे टुकडे में से थोडा सा हिस्सा खा लिया फिर भी दोनों हिस्से बराबर नहीं हुएं.

बंदर ने फिर बडे टुकडे में से थोडा सा हिस्सा खा लिया.

इसी तरह वह हर बार बडे टुकडे में से थोडा-थोडा खाता रहा. आखिर में रोटी के केवल दो छोटे -छोटे टुकडे ही बचे. यह देखकर बिल्लीयां बोली – बंदर भाई हमारी रोटी वापस कर दो अब हमें फैंसला नही कराना.

उनकी बात सुनकर बंदर हसंते हुए बोला- ओह! ओह! अब भला इतने छोटे टुकडे तुम्हें कैंसे दे सकता हूं ? यह तो मेरी मेहनत के है. ऐसा कहकर बंदर वह रोटी के दोनों टुकडे भी अपने मूंह में रखकर नौ-दो ग्यारह हो गया.

Moral of the story – दोस्तों यह कहानी आज के युग की दास्तां को बयां करती हैं. आज भी ऐसा ही हो रहा एक व्यक्ति किन्ही दो व्यक्तियों को आपस में लड़ाकर खुद मजे लुटता हैं. (इसलिए यह कहावत बनी – दो के झगड़ों में हमेशा तीसरे का ही फायदा होता है.

कुछ अनूठा कर दिखाना – आप क्यों कुछ अनूठा नहीं कर पाते

यह कहानी (story) पढ़कर आपको महसूस हो जाएगा की क्यों अमीर लोग और सामान्य व्यक्ति वह अनोखा काम नहीं कर पाते जो की एक गरीब गांव का बच्चा कर दिखाता हैं. हां अमीर लोग सफल होते हैं लेकिन उनके कार्य (लक्ष्य) उतने बड़े नहीं होते. वह जो करते हैं वह सामान्य होता हैं. इसका कारण जानने के लिए यह कहानी जरूर पडें.

बहुत पुरानी बात हैं. किसी नगर में एक राजा था वह प्रकृति प्रेमी था. उसे पशु-पक्षियों से बहुत प्रेम था. और यह बात पुरे नगर के लोगों को मालुम थी. इसलिए राजा को खुश करने के लिए नगर के लोगों प्रकृति से जुडी चीजें उन्हें भेंट किया करते थे.

उसी नगर में एक लकड़हारा भी था जो रोजाना लकड़ियां काट कर बेचता था. एक दिन जब वह लकड़हारा जंगल में लकड़ियां काटने गया तो उसे एक पहाड़ी पर बाज के 2 अण्डे मिले इन अंडो के पास ही बाज मरा हुआ पढ़ा था. यह हालात देख कर उस लकड़हारे ने अंडो को अपने पास रख लिया.

तभी कुछ दिनों बाद राजा का जन्म दिन आया तो उस लकड़हारे ने सोचा की क्यों न राजा को यह अण्डे देकर खुश किया जाए. यही सोच कर वह राजा के दरबार में पहुंचा और बाज के अंडो की पूरी कहानी सुनाई राजा ने खुश हो कर दोनों अंडो को रख लिए. और इनकी देख भाल के लिए कड़ी पहरेदारी का इंतेजाम करवाया. (साथ ही उस लकड़हारे को ढेर सारा इनाम दिया)

कुछ ही दिनों बाद उन अंडो में से बच्चे निकले राजा को यह खबर सुनकर बहुत ख़ुशी हुए. वह उन्हें उड़ता हुआ देखना चाहता था. जब वह बच्चे उड़ने योग्य हुए तो राजा ने उन्हें खुला छोड़ दिया और उनकी उड़ान को देखना चाहा.

जब बाज़ उड़ने के लिए तैय्यार हुए

दोनों बच्चे साथ-साथ हवा में उड़े उनमे से एक बच्चा ऊपर आसमान में पहुंच गया और दूसरा बच्चा थोड़ा सा उड़ कर वापस वही आकर बैठ गया. राजा को यह द्रश्य देख कर बड़ा दुःख हुआ. उसने यह जानने के लिए की यह दूसरे बाज की तरह क्यों नही उड़ पा रहा हैं इसके लिए पुरे नगर में खबर पहुंचवा दी की जो भी व्यक्ति इसे आसमान में ऊपर उड़वा देगा उसे मुंह मांगा इनाम दिया जायेगा.

यह खबर सुनकर बड़े-बड़े विद्वान वहां आये लेकिन कोई भी उसे उड़ा नहीं पाया. वह थोड़ा सा उड़ता और फिर उसी जगह आकर बैठ जाता. ऐसा ही चलता रहा लेकिन कोई भी व्यक्ति उसे उड़ा नही पाया. राजा पूरी तरह निराश थे.

तभी सबसे आखिर में एक किसान आया और उसने उस बाज के बच्चे को ऊपर आसमान में उड़ा दिया. जब राजा को यह खबर मिली की जो काम बड़े-बड़े विद्वान नहीं कर पाए वह एक आम किसान ने कर दिखाया हैं. तो यह जानने के लिए राजा ने उस किसान को दरबार में आमंत्रित किया.

किसान से पूछने पर उसने कहां – मेहरबान मैंने इस पक्षी को उड़ाने के लिए कुछ भी नहीं किया. बस यह जिस डाली पर बैठता था मैंने उसी डाली को काट दिया (अब तक यह उस डाली को अपना घर समझ रहा था इसलिए यह नही उड़ता था). लेकिन जब मैंने उस डाली को कांट दिया तो इसके पास वहां रुकने का और कोई चारा (वजह) न रही तो यह भी आसमान में ऊँचा उड़ गया.

इस मोरल स्टोरी से क्या सिख मिलती हैं

Moral of the story – अनोखी सफलता पाने के लिए, या कुछ ऐसा करने के लिए जो किसी ने आज तक नही किया हो इसके लिए यह जरुरी हैं की आप आज जहां हैं, जिस स्थिति में हैं उससे ऊपर आये. RISK लेना शुरू करे. अपनी प्यास को बढ़ाये.

एक गरीब व्यक्ति के पास खोने को कुछ नहीं होता इसलिए वह जी तोड़ कर बिना डरे लक्ष्य की और बढ़ता हैं. और उची सफलता पाता हैं. (उदाहरण के लिए जब इस बाज के पास ठहरने के लिए कुछ नहीं बचा तो उसे उड़ान भरनी ही पड़ी).

एक अमीर व्यक्ति और मिडिल क्लास व्यक्ति के पास कुछ होता हैं. और इसीलिए वह कुछ ऐसा नही कर पाता जो की एक गरीब व्यक्ति कर गुजरता हैं.

दोस्तों शायद अब आपको समझ आ गया होगा की हम क्या कहना चाह रहे हैं. एक अमीर व्यक्ति या middle class person के पास इतने पैसे होते हैं की वह आराम से अपना जीवन बिता सके और इसी वजह से वह कुछ अनूठा नहीं कर पाता क्योंकि ऐसा करने की उसको कोई जरुरत नही रह जाती. जब उसे जीवन बिताने के लिए पैसे आराम से मिल जाते हैं तो वह क्यों कुछ अनूठा करने की सोचेगा. और अगर सोचेगा भी तो उसे कर नहीं पायेगा.

लेकिन यह अनूठे काम एक गरीब बच्चा कर के दिखा देता हैं. इसके पीछे कारण हैं और वह यह हैं की उसके पास भविष्य के लिए कुछ नहीं होता. इसलिए वह अपने काम में पुरे मन व लगन से लग जाता हैं और कुछ अनूठा कर दिखाता हैं.

  • Hope you enjoyed this best moral story ever in hindi language  

मुझे मालुम हैं आपको यह बात ठीक नहीं लग रही होगी. आपको लग रहा होगा की में जो कह रहा हूँ वह झुंट हैं. लेकिन अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो वह बिलकुल गलत हैं. ऐसे बहुत से उदाहरण हैं जैसे डॉ. अब्दुल कलम, महेंद्र सिंह धोनी, ओपराह इन्फ़्रे, शाहिद खान, धीरूभाई अम्बानी, दिलीप शंघवी, शाह रुख खान, अक्षय कुमार, रजनीकांत, सुशिल कुमार, मोहम्मद शमी आदि ऐसे बहुत से व्यक्ति हैं जिन्हें आज पूरी दुनिया जानती हैं.

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