हमारे अवचेतन मन की शक्ती | Power Of Our Subconscious Mind

Subconscious Mind Power Techniques

Subconscious Mind Power in hindi

Learn the power of your Subconscious mind in Hindi

आपका चेतन मन Conscious mind जिस भी बात को स्विकार करता है, और उसके सच होने पर भरोसा करता है, आपका अवचेतन मन Subconscious mind उसे स्वीकार कर लेगा और हकीकत में बदल देता है.

हम जो हासिल करते है, और जो हासिल करने में असफल रहते है, वह सब हमारे खुद के Thoughts विचार के परिणाम होते है. यानि हम जो सोचते हैं वैसा हि हमारे साथ हो जाता हैं. हमारी और शुध्दता और अशुध्दता सुख और दुःख हम पर ही निर्भर करती है.

उन्हें कोई दूसरा नहीं, बल्कि हम ही बदल सकते है. हमारी सारी खुशी और दुख का स्त्रोत हमारे भितर है. जैसा हम सोचते है, वैसे ही हम होते है, जैसा हम वर्तमान में सोचेंगे, भविष्य में हम वैसे ही बनेंगे.

कुछ चिजें ऐसी होती है, जिन्हें आप नहीं बदल सकते, जैसे ग्रहो की गती, मौसम क परिवर्तन, समुद्र का ज्वार-भाटा या सुर्य क उदय व अस्त होना. आपका चेतन मन जिन विश्वासों, मान्यताओ, रायों और विचारों को स्वीकार करता है, वे सभी आपके अधिक गहरे, अवचेतन मन पर अपनी छाप छोडते है.

अपने अवचेतन मन को सही रास्ते पर कैसे ले जाए वह सिखना बहुत जरुरि है. सौंदर्य, प्रेम, शांति, बुध्दिमानी, और स्रजनात्मक विचारो वाली सोच रखें. आपका अवचेतन मन उसी के हिसाब से प्रक्रिया करेगा और आपकी मांसिकता, शरीर तथा जीवन की परिस्थितीयों को बदल देगा.

मनोवैज्ञानिक और मनोविश्लेषक बताते है कि जब विचार आपके अवचेतन मन तक पहुंचते है, तो वे मस्तिष्क की कोशिकाओं पर अपनी छाप छोड देते है.

आपका अवचेतन मन गिली मिट्टी कि तरह होता है यह किसी भी तरह के –अच्छे या बुरे – विचार को स्वीकार कर उसी आकार में ढल जाता है. आपके विचार सक्रिय होते है । अन्हें वे बिज मान लें, जो आप अपने अवचेतन मन की मिट्टी में बोते हैं.

Subconscious Mind

नकारात्मक(Negative) विनाश्कारी विचार आपके अवचेतन मन में नकारात्मक ढंग से काम करते है निश्चित रुप से, समय आने पर आपको उनके अनुरुप ही फसल मिलेगी. आपके चेतन मन के आदतन विचार आपके अवचेतन मन में गहरे खाँच बना देते है.

यदी आपके आदतन विचार सामंजस्यपूर्ण शांतिपूर्ण और स्रजनात्मक है, तो यह आपके तथा आपके करियर दोनों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसलिए यह बात जान ले की विचार ही वस्तु है.

आप मन में जो मह्सुस करते है, उसे ही अपनी और आकर्षित करते है. आप जिसकी कल्पना करते है, वही बन जाते है । यदी आप ऐसा कर लेते है तो इसके बाद आपके जीवन में चमत्कार होने लगेंगे.

आप जहाज के कप्तान है, आप आदेश दे रहे है और आपका अवचेतन आपके आदेश की छाप को ग्रहण करके इसे साकार कर देगा, चाहे यह सत्य हो य नहीं, जैसा हमने बताया है. इसलिए सिर्फ उन्हीं चिजों को स्वीकार करें जिन्हें आप वास्तव में साकार देखना चाहते हो. (यानी सिर्फ उन्ही चीजों के बारे में सोचे जिनको आप भविष्य में करना चाहते हैं.

आपको यह एहसास करना होगा कि आपका चेतन मन दर्वाजे पर खडे पहरेदार की तरह है. इसका मुख्य कार्य है आपके अवचेतन मन को झूठी छवियों से बचाना. अब आप मस्तिष्क का एक बूनियादी नियम जान चुके है.

आपका अवचेतन मन सुझावों को ग्रहण करता है. जैसा आप जान चुके हैं आपका अवचेतन मन तुलना नहीं करता है. न ही यह तर्क करता है. या खुद विचार सोचता है ये सारे कार्य तो आपका चेतन मन करता है,

आपका अवचेतन मन तो सिर्फ उन्हिं छवियों पर प्रतिक्रिया करता है, जो आपका चेतन मन इसे देता है. यह खुद काम की किसी खास दिशा या योजना को तवज्जो नहीं देता है. 

याद रखें, चेतन मन की इच्छा के विरुध्द कोई सुझाव अवचेतन मन पर हावी नहीं हो सकता. आपके चेतन मन में किसी भी झूठे या नकारात्मक सुझाव को ठुकराने की शक्ति होती है.

आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आप अपने अवचेतन मन तक सिर्फ वही सुझाव पहुँचने दें, जो हर मायने में आपका उपचार करते हों, वरदान होते हों, आपको उच्च स्तर पर ले जाते हों और प्रेरित करते हों.

यह कभी न भुलें कि आपका अवचेतन मन आपकी हर बात पर विश्वास करता है. यह शत-प्रतिशत आपकी बात मानता है. यदी आप यह कहते रहेंगे, “मुझे वह प्रमोशन नहीं मिल सकता, मैं अपनी आजीविका नहीं चला सकता, “तो आपका अवचेतन मन ऐसी परिस्थितियाँ बना देगा कि आप सचमुच ऐसा नहीं कर पाएँगे.

आपके अवचेतन मन पर दूसरो के विचारो का भी असर पडता है. बचपन से ही हममें अधिकतर को बहुत से नकारात्मक सुझाव दिए जाते हैं । नकारात्मक सुझावों (Negative Suggestion) की वजह से मानसिक प्रतिक्रिया की बहुत ही बुरी आदत बन सकती है,

जिसका परिणाल युध्द, दुख, कष्ट, धार्मिक व जातीय पूर्वाग्रह और तबाही होता है. संसार के तनाशाह स्वेच्छाचारी शासक और निरंकुश नेता सुझाव की शक्ति को जानते हैं. स्तालिन ने इसका अभ्यास किया था हिटलर ने इसका सहारा लिया था, यहाँ तक कि ओसामा बिन लादेन भी इसे अमल मे लाता था.

इन सभी ने लोगों के धार्मिक या जातिय पूर्वाग्रहों को जाग्रत किया. फिर जब लोग उत्तेजित होकर भावा वेश में आ गए, तो अन्य नकारात्मक सुझाव बो दिए गए और इन लाखों के सामने कुछ बातें बार-बार दोहराई गई. 

आप यह नहीं जानते है की ये आपके अवचेतन मन को दिए गए ऐसे आदेश हैं, जिनकी वजह से आपका जीवन जीता-जागता नरक बन जाएगा कुंठित, मनोरोगी और संकोची हो जाएँगे. खुद को ऐसे विध्वंसात्मक सुझाव देने की वजह से आपको मनोविश्लेषक के क्लीनिक भी जाना पड सकता है.

आप इन सभी नकारात्मक सुझावों को खारिज कर सकते है, बशर्ते आप अपने अपने अवचेतन मन को प्रार्थना की खुराक दें या सोने जाने से पहले कोई न कोई प्रेरक सामग्रि पढें. इससे ये सभी विनाशकारी विचार नष्ट होते जाएँगे. 

हमें यह विश्वास होना चाहिए कि हम अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं. यह विश्वास – चाहे सच्चा हो, या झूठा हो या तटस्थ हो – लंबे समय तक कायम रखा जाना चाहिए. इसे हमारी मानसिकता में घुल-मिल जाना चहिए.

जब तक कि विपरीत प्रक्रति के विश्वास के जरिए इसे खारिज न कर दिया जाए, यह-सबेर साकार हो जाता है. हम सभी के भितर यह शक्ति है कि हम अपने भीतर के नकारात्मक विश्वासों के बदलकर उनकी जगह पर सकारात्मक विश्वास रख सकते हैं और इस तरह अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं । – By Joseph Murphy 

Also Read :

नमस्ते दोस्तों हमसे Facebook पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे. हमारा Group Join करे और Page Like करे. "Facebook Group Join Now" "Facebook Page Like Now"
loading...

All Comments

  • प्रिय लेखक मित्र ,
    वंदे मातरम्, मुझे आपका लेख बहुत पसंद आया | लेख मुझे जीवन भर उपयोगी आएगा | इतने विस्तृत तथा विद्वत्ता पूर्ण लेख के लिए धन्यवाद | इस लेख को पढ़कर में दावे के साथ कह सकता हूँ की में विजयी बनूँगा ही | विजेता बनने पर मुझे favour को return करने का अवसर जरुर जरुर दें | मुझे करने में आनंद आएगा |
    खुश रहना मित्र |

    आपका प्रिय मित्र,
    निलेश न. पारख

    श्री. निलेश न. पारख November 26, 2016 3:58 pm Reply
    • हमें यह जानकर बहुत ख़ुशी हुई, आपका स्वागत है मित्र.

      HindiMind November 27, 2016 4:09 am Reply
  • Respected sir
    these lines are useful and work like very very big changer in someone life.

    banke bihari sharma December 11, 2016 10:04 pm Reply
    • Yes. Try it

      [email protected] December 12, 2016 2:31 am Reply
  • श्री नीलेश पारख जी कौनसी पोस्ट की बात कर रहे है आप ?

    Rahul sharma February 5, 2017 3:56 pm Reply

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Please Share This but dont Copy & Paste.