आकर्षक व्यक्ति कैसे बनें | How to Get Attractive Personality Achi personality Kaise Banaye

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Attractive Personality Development

personality development tips in hindi

Achhi Personality Banane Ke Tips

इस बात को हमें मान लेना चाहिए कि हम चाहते हैं कि लोग हमें पसंद करें. आप किसी के मुंह से यह सुन सकते हैं, ‘मुझे फर्क नहीं पडता कि लोग मुझे पसंद करते हैं या नहीं. लेकिन जब कोई यह कहता है, तो आपको यह समझ लेना चाहिये कि वह झुंट बोल रहा है.

कुछ लोग जन्म से ही लोकप्रिय स्वभाव के होते हैं. हर-एक व्यक्ति उनके प्रति Attract आकर्षित हो जाता है. कुछ लोग कभी पसंद नहीं किए जाते.

बाकी कुछ लोग न तो कभी पसंद किए जाते हैं और ना ही कभी ना-पसंद किए जाते है, वे मात्र उपेक्षित कर दिए जाते हैं. क्यों? क्या वह निष्पक्ष ईश्वर आकर्षक गुणों के आसमान वितरण के लिए उत्तरदायी नहीं हैं.

हर एक मनुष्य के चरित्र में भिन्नताए हैं, उसकी अपनी उपज हैं. स्वयं उसने ही इन अच्छे या बुरे गुणों को अपने इस जीवन में या पिछले जन्मों में अपने व्यक्तित्व में पैदा किये होंगे. Personality Development Hindi.

यह बहुत ही बडा अन्याय होता अगर परमात्मा कुछ बच्चों को बचपन से ही, अच्छे प्यारे गुणों की सुविधा और कुछ बच्चों को बुरे अप्रिय गुणों की असुविधा के साथ भेजने के लिए उत्तरदायी होते.

लेकिन ईश्वर ने कुछ बच्चों में बुरी प्रवत्तियों को और दूसरों में अच्छी प्रवत्तियों को स्थापित नहीं किया, हम ईश्वर को उत्तरदायी नहीं ठहरा सकते. ईश्वर को दोष देना गलत हैं.

मनुष्य ने स्वयं ही अपने अच्छे और बुरे गुणों को विकसित किया है. कभी, किसी काल में, इस जन्म में या पिछले जन्म में, उसके अपने कर्मो द्वारा ही ये बीज बो दिए गए थे. अगर वह हानिकाराक और बुरे कर्मो के बिजों को उगने देता है,

तो वह जो उसके द्वारा बोए गए अच्छे कर्मो के बिजों को उगने नहीं देंगे. जो बुध्दिमान हैं वे अपने जीवन की बगिया से बुरे कर्म के बिजों को निकाल फेंकते हैं.

अगर आप जान-बूझकर लोकप्रियता का पिछा करेंगे तो इस बात की संभावना ज्यादा है कि आप इसे हासिल नहीं कर पायेंगे. लेकिन उस तरह के दूर्लभ व्यक्ति बन जाये जिनके बारे मे लोग कहते हैं; ‘उसमें जरूर कुछ बात तो है’ और आप विश्वास कर सकते हैं कि लोग आपको पसंद करने लगे हैं और आप सही राह पर जा रहे हैं.

यह एक बात और जान ले कि लोकप्रियता की आपकी योग्यताओं के बावजुद हर कोई आपको पसंद नहीं करेगा. मानवीय स्वभाव में एक अजीब सा पेंचा है, जिसके द्वारा कुछ लोग बस युं ही आपको पसंद नहीं करेंगे .

आकर्षकता भीतर से आती है

व्यक्ति को स्वयं अपना एवं दूसरों का विश्लेषण करना सीखना चाहिए जिससे पता चल सके कि क्यों कुछ लोग सभी के द्वारा पसंद किये जाते है, और कुछ लोग नहीं. यहां तक की बच्चो में भी हम पाते हैं कि कुछ को तो सभी प्यार करते है और कुछ की उपेक्षा.

इस प्रकार के विश्लेषण से सबसे पहली बात जिसका पता चलता है वह यह है कि अगर कोई लोकप्रिय बनना चाहता है तो उसे स्वयं अंदर से और अधिक आकर्षक बनना चाहिए.

कभी-कभी शरीरिक रुप से अत्यधिक आकर्षक व्यक्ति भी विकर्षक हो सकता है, क्योंकि उसकी वाणी और क्रियाकलापों से उसके अंदर की कुरुपता झलकती है.

ज्यादातर व्यक्ति आचरण से परखे जाते हैं

व्यक्ति कुछ हद तक अपने पहनावे से पहचाना जाता है, पर अधिकतर वह अपने आचरण से पहचाना जाता है . सदा साफ-सुथरे और व्यवस्थित दिखें. अधिक सज्जित न हों, भडकीले कपडे और ऊपरी सजावट से सजा व्यक्ति को अजायबघर के नमुने सा बना देता है.

सादे और साफ सुथरे कपडे पहने, जो आपके व्यक्तित्व के अनुरुप हों. लेकिन सबसे पहले अच्छा व्यवहार करना सीखें. एक बार जब आप मांसिक रुप से विकसित हो जाते है और आकर्षक आंतरिक गुणों का सृजन कर लेते हैं तो पहनावे का महत्व कम हो जाता है.

मतलब यह है कि मनुष्य को हर समय शरीर के विषय में ही नहीं सोचते रहना चाहिए; और न ही उसे ईसके प्रति असावधान होना चाहिए. शरीर के प्रति आवश्यकता से कम अथवा अधिक ध्यान देने से व्यक्ति असंतुलित और सनकी बन जाता है.

जब दूसरों के साथ हों, तो सच्चे और विचारशील रहें

जब आप दूसरों के साथ होते हैं, तो सच्चे दिल से उनके प्रति स्नेह रहें. चिड-चिडे न बनें. आपको लकडबग्घे कि तरह जोर-जोर से हँसने की जरुरत नहीं, और मुँह लटकाए भी न रखें.

बस मुस्कराते रहिए, दूसरों के प्रति सौहादपूर्ण और स्नेह पूर्ण रहिए. लेकिन बाहर से मुस्करातें रहना, जबकि आप अंदर ही अंदर गुस्से में हों या कुढ रहें हों, मिथ्याचार है. यदि आप लोकप्रिय होना चाहते है तो सच्चे बनें.

शांत रहें और उनका ध्यान रखें. लोकप्रिय चुम्बकत्व को विकसित करने का यही एक तरीका है

दूसरों के लिए जिए और वे आपके लिए जियेंगे

अगर कोई आपकी जगह पर बैठना चाहता है, तो उसे बैठने दें, भले ही आपको खडा रहना पडे. आपके इस आदर्श व्यवहार के कारण प्रतिदिन आपको कोई न कोई ऐसा व्यक्ति मिलेगा जो आपके लिए विचारपूर्वक सोचेगा.

जब आप दूसरों के लिए जीना सिख लेते हैं, तो किसी को आपमें दिलचस्पी नहीं होती. अपने अच्छे व्यवहार से आप दूसरों को बहुत अच्छी तरह से आकर्षित कर सकते हैं.

अपनी वाणी और अपने कर्मो में शिष्टता लाने का अभ्यास करें, और जब खरी-खोटी सुनाने का मन हो तो उस आवेश पर नियंत्रण करें; और कटुता की बजाय शान्ती से बात करें.

कोई भी आपके मुंह से कडवे शब्द सुन न पाए. जब आपसे कुछ पूछा जाए तो सत्य बोलने से डरें नहीं; और हाँ अपने विचारों को दूसरों पर न थोपे.

जब आप किसी कपडे की दूकान पर जातें हैं, तो आप वह वस्त्र लेने का प्रयास करते हैं जो आपके अनुकूल हो और जो आपके व्यक्तित्व को निखारता हो.

आपको अपनी आत्मा के लिए भी ऐसा ही करना चाहिए. आत्मा की कोई विशेष पोशाक नहीं होती, यह जो वेश चाहती है वही धारण कर सकती है. शरीर की सिमाएँ हैं, लेकिन आत्मा किसी भी तरह की मानसिक पोशाक, किसी भी प्रकार के व्यक्तित्व को धारण कर सकती है.

जैसे आप आशा करते कि दूसरे कैसे बनें, पहले आप वैसे स्वयं बनें. इन सुझावों का अभ्यास करें. एक समय में एक ही गुण को विकसित करने का प्रयास करें. उदाहरण के लिए, आज से शान्ति का अभ्यास करें । उसके बाद प्रसन्नचित रहने का प्रयास करें चाहे आप दू;खी हों, तो भी मुस्कराने का प्रयास करें ।

दूसरों का ध्यान रखने का और उनके प्रति अच्छाई करने का प्रयास तब तक करते रहें, जब तक आप एक ऐसे सुन्दर फूल के समान नहीं बन जाते जिसे हर कोई देखना चाहता है.

फूल की सून्दरता और निर्मल मन की आकर्षकता को आत्मसात करें. जब आप इस तरह आकर्षक होगें, तो आप सदा ही सच्चे मित्र पाएँगे. आप मनुष्य और ईश्वर, दोनों के ही प्रेमपात्र बन जाएँगे – By Joseph Murphy.

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