पानी पीने के 51 फायदे – Drinking Water Benefits in Hindi (Pani Ke Fayde)

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पानी कब और कितना पिये

Drinking Water benefits in hindi language – जिस तरह धरती पर 70 प्रतिशत से ज्यादा पानी हैं, ठीक उसी तरह हमारे शरीर में भी पानी की मात्रा हैं. (पानी पिने के फायदे) हम पानी से ही बने हैं, हमारा जन्म पानी में ही हुआ था. लेकिन फिर भी हम इसके बारे में ठीक से नहीं जानते और इसके चलते बहुत सी बिमारियों का घर बन जाते हैं.

इस लेख में हमने पानी की जरुरत की अनुसार सारी जानकारी दी हैं उदहारण के लीये – pani kab piye or kab na piye, pani jyada kab piye, Daily kitna pani pina chahiye, jyada pani pine se nuksan, Asthma, Pachanshakti, Nautral Bathing, Pani ki shuddhta ke liye, Pani Ko Bottle me na rakhein, Peshab me jalan hone par, Dandruf, sirdard, vishele dansh, motapa ghatane ke liye aankho ki roshani badhane ke liye Etc(pani pine ke fayde labh nuksan). यह लेख बहुत बड़ा हैं, ऐसे अपनी Browser में Bookmark करलें ताकि आप समय मिलने पर इसे ठीक से पढ़ सकें.

Drinking Water Benefits in Hindi For Healthy Life

water benefits in hindi pani pine ke fayde

disadvantages & advantages of water

पानी किस समय नहीं पीना चाहिये

Advantages of water – गर्म भोजन, खीरा, खरबूजा, ककडी खाने के बाद, सो कर उठने के तुरन्त बाद, चाहे दिन हो या रात पतली संग के बाद, दस्त हो जाने के बाद, दूध चाय छीेंके लेने के बाद धूप से आने के बाद तुरन्त पानी नहीं पीना चाहिए।

पानी किस स्थिति में ज्यादा पियें

सवेरे उठते ही पीया गया पानी अमृत के समान होता है, दिन में पीया गया पानी सामान्य व प्यास की पूर्ति करने वाला है, रात को पीया गया पानी निरर्थक है। रात को पानी न पीयें और पीना ही पडे तो कम से कम पीयें.

भोजन सोने से 3 घंटे पहले करने पर रात को पानी पीने की जरूरत नहीं रहती। खाना खाने से पहले पानी पीने से पाचनशक्ति कम हो जाती हे। शरीर पतला होता है.

खाना खाते वक़्त बीच में 5-6 घुट पानी पीने से खाना जल्दी पचता है। खाना खाने के तुरन्त बाद पानी पीने से शरीर फुलने लगता है मोटा होता है, पाचन क्रिया और बल कम हो जाता हैं ।

भोजन के एक घंटे बाद पानी पीने से अमाशय को शक्ति मिलती है। जिन्हें पतले दस्त आते हों उन्हें भोजन करते समय पानी नहीं पीना चाहिए। subah pani pine ke fayde

प्यास लगने पर ही पानी पीयें

शरीर प्यास के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है। प्यास लगने पर तत्काल इसका आभास हो जाता है। इसलिए प्यास अनुभव किये बिना, पानी पीना जरूरी नहीं है।

हमें पानी ज्यादा कब पीना चाहिये

आजकल सांस संबधित समस्याएं बहुत होती है, दांतो की सडन से भी हर दूसरा व्यक्ति परेशान है, इन सारी सस्याओं की जड है पानी की कमी, मूंह से जुडी हर समस्या का कारण हैं ‘लार’ कम बनना।

मूंह में जितनी ज्यादा लार बनेगी मौंखिक स्वास्थ्य उतना ही अच्छा होगा। लार अपने बहाव के साथ खाने के कण अम्ल और बैंक्टेरिया बहा ले जाती है। जो दातों में मौजुद रहकर सडन पैदा करते हैं।

पानी के कैसा और कैसे पीयें ?

पानी को साफ रखने के लिए उसमें क्लोरीन मिलायी जाती है। लंबे समय तक क्लोरिन युक्त पानी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नहीं है। क्लोरिन युक्त पानी से पित्त, पथरी, कैंसर ह्रदय रोग बढाता है।

पानी को साफ करने पर पानी में मिला क्लोरिन हर प्रकार की गंदगी को दूर करने का सरल तरीका है, पानी को उबाल कर छांनकर पीना। मेहनत तो होगी लेकिन पानी उबला हुआ छंना हुआ पीना लाभदायक है।

गिलास या बर्तन को होठों से लगाकर पानी पीने के बजाय उपर से सीधे पानी पीने को प्रचलन बढता जा रहा है। इससे पेट की बिमारीयों की आशंका बनी रहती हैं।

पानी उपर से या एक साथ पीना मूंह से लेकर दूधाधार की नाल मे वायुदोष उत्पन्न करता है और वायु उपर उठकर बदहजमी खट्टी डकारें, अपच जी मचलना जैसी वेदना हो जाती है। घुट-घुट पानी पीयें।

कितना पानी पीना चाहिये ? (Pani Kitna Piye)

हमें कम से कम 8 लीटर पानी पीना चाहिए। चिकित्सकों का कहना हैं कि अगर आप इसका सही नाप जानना चाहते हैं तो अपने शारिरिक वजन को 0.55 से गुणा करें तो जो परिणाम हासिल हो उतना पानी तो आपको पीना ही चाहिए।

ज्यादा पानी पिने से भी नुकसान ?

Disadvantages of water – ज्यादा पानी पीने से शरीर मे नमक, सोडियम का संतुलन बिगड सकता है। जो हानिकारक हो सकता है। इस बिगाड से रक्त में नमक का गाडापन कम हो जाता हे। इसलिए दिनभर में आठ-दस गिलास पानी पीना ही पर्याप्त है।

अस्थमा के मरीजों के लिये पानी

अस्थमा के रोगीयों के लिए पानी वरदान जैसा होता है। अगर पानी पीने में आलस्या बढता जाये तो सर्दी-जुकाम होने की शंका बढ जाती है जो कि अस्थमा के रोगीयों के लिए बहुत घातक है।

पानी की कमी होने से नांक की आंतिरक कोषिकाएं सूख जाती हैं। जबकि बैंक्टेरिया और वायरस से बचाव के लिए इस नमी की सबसे ज्यादा जरूरत पडती है। pani pine ke niyam or nuksan jane

पाचनशक्ति बढ़ाता हैं पानी का सेवन

पानी पाचन में सहायक होता है और शरीर में पोषक तत्वों को एक जगह से दूसरी जगह पहूचाने में आधार के रूप में काम करता है। यह जोडों को सहारा देता है, और अंगो की रक्षा करता है। व्यर्थ पदार्थो को बाहर निकालता हैं और दर्द दूर करने में भी सहायता करता है। सभी तरह के संक्रमणो से शरीर की रक्षा करने का एकमात्र उपाय पानी के ही पास होता है।

Pani Pine Ke Fayde or Labh

drinking water benefits in hindi

Drinking Water Benefits.

प्राकृतिक स्नान (Natural Bathing)

  • गुलाब की पंखुडियों को पानी में डालकर, आधा घंटा छोड दें फिर पंखुड़ियों को निकालकर इस पानी से स्नान करें, खुशबु के साथ-साथ ताजगी अनुभव होगी।
  • एक बाल्टी पानी में एक निंबु का रस डालकर स्नान करें। नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर छांन लें, ठंडा करकें नहायें इससे किसी भी तरह की त्वाचा संबधित बीमारी दूर हो जाती हे। स्नान करने के आधा घंटा पहलें निम्नलिखित चीजें पानी की बाल्टी में डाल दें अगर आपके पास इतना समय न हो तो इन्हें पीसकर अच्छे से मिलाकर बाल्टी में भी डाल सकते हेै।

पानी की शुद्धता के लिये यह स्तेमाल करे

  • पानी में तुलसी के पत्ते डालें रखें इससे पानी शुद्ध रहता है।

पानी को बोटल में न रखें

  • पानी रखने के लिए हमेशा कांच का बर्तन काम में लें, प्लास्टिक की बोतल से बचें। पेय पदार्थ प्लास्टिक की बोतल में रखने सें प्लास्टिक से निकलने वाले जहरीले रसायन पानी में मिल जाते हैं फिर यह शरीर को हानि पहुंचाते हैं |

पेशाब में जलन होने पर

  • धूप, गर्मी, गर्म प्रकृति की चीजें खाने में जलन हो, पेशाब बून्द-बुंद आता हो तो ठंडे पानी या बर्फ के पानी में कपडा भिगोकर नाभी से नीचे बिछाये रखें, पेशाब खुलकर आयेगा।
  • सर्दी-जुकाम, अनिद्रा, उक्त रक्तचाप, थकावट, बेहोशी और दौरे में उष्णपाद स्नान लाभ करता है।

आधे सिरदर्द का इलाज

  • आधे सिर का दर्द सिर और दिमाग के भाग में ज्यादा खून की गति बढने से होता है। ऐसे में ठन्डे पानी में भिगा Towel सिर पर रखने से आराम मिलता है। क्योंकि ठंडक खून की गति को कम करती है |

Dandruff ख़त्म करता हैं

  • 10 Liter पानी में एक मुट्ठी साधारण नमक डालें इससे अपने बाल और खोपड़ी को रोजाना धोएं डेंड्रफ में फायदे होंगे |

बाल गिरने को कैसे रोके

  • 2 Towel लें और एक बर्तन में ठंडा और एक बर्तन में गर्म पानी भरलें फिर एक Towel को गर्म पानी में डुबोकर अपने सर पर रखें फिर इसके तुरंत बाद दूसरे Towel को ठन्डे पानी में भिगोकर अपने सर पर रखें इससे बाल गिरना बंद हो जायेंगे | paani balon ke liye bahut faydemand hota hai.

सिरदर्द में लाभ देता हैं

  • अगर सर्दी जुकाम की वजह से सिदर्द हैं तो गुनगुने पानी में तेल डालकर लगभग आधे घंटे तक बैठ जाये इससे सिरदर्द ठीक होगा और जुकाम में भी आराम मिलेगा।

विषैले दंश (जहर और दर्द काम करेगा)

  • बिच्छु, मधुमख्खी, चूहा के काटे हुई जगह पर देसी घीं मले और नल खोलकर टोंटी के आधे मूंह पर उंगली लगाकर काटे हुए स्थान पर पिचकारी मारें, इस तरह तेज जलधारा गिरते रहने से विषैले दंश की जलन ठीक हो जायेगी।

मोटापा घटाने के लिये पानी का उपयोग

Weight loss with water – जिनका शरीर मोटा हो गया हैं और जो चाहते हैं कि ज्यादा मोटा न हो उन्हें हमेशा गुनगुना पानी ज्यादा मात्रा में पीना चाहिए। खाना खाने से पहले एक ग्लास गुनगुना पानी पी लिया जाये तो खाना अधिक नही किया जा सकता।

125 ग्राम पानी उबालकर ठंडा करें जब गुनगुना रह जाये तब उसमे तीन चम्मच निबु का रस और 2 चम्मच शहद मिलाकर पीने से मोटापा दूर हो जाता है। शरीर में चाहे कैसी भी चर्बी बढ गयी हो घटकर शरीर सुडोल बन जाता हैं। पेट के रोग दूर हो जाते हैं और भूख लगने लगती है।

एक नये शोध में यह दावा किया गया हैं कि ज्यादा पानी पीने से वजन घटता है। वनज घटाने के लिए ठंडा पानी पीना सबसे अच्छा रहता है। क्योंकि पानी के तापमान को शारिरिक तापमान के स्तर तक लाने के लिए भी शरीर को कुछ कैलोरी जलानी पडती है।

ठन्डे पानी की पट्टी

  • एक नेपकिन मोटा कपडा पानी में भिगोकर निचोकर पेट पर रखें उपर से सुखे कपडे से एक घंटा बंधा हुआ रखें, एक घंटे बाद खोल दे इससे अम्लपित्त, यकृत रोग, पेट में घाव, मासिक धर्म में दर्द आदि रोगों में लाभ होता है।

कान में कीढा हो घुस जाने पर

  • कान में कीडा घुस जाये तो पानी गर्म करके इस पानी में थोडा सा नमक मिलाकर कान में डालें। फिर कान उल्टा करलें किडा मरकर बाहर निकल आयेगा।

लू लगने पर क्या करे

  • गर्मी के मौसम में अपनी अच्छानुसार थोडी देर के अंतराल में बार-बार पानी पीने से लू लगने की संभावना कम हो जाती है। ज्यादातर ठंडे पानी में थोडा नमक मिलाकर पीयें इससे खास लाभ होते है।

ज्वर (बुखार आने पर)

  • तेज ज्वर में ठंडे पानी का स्पंज फायदेमंद होता है। तेज ज्वर में ठंडे पानी में तौलिया भिगोकर सिर पर रखें और सारे शरीर को गीले कपडे से पोंछे। पोछते समय शरीर को हवा न लगने दे। शरीर को ढंका हुआ रखे।

मलेरिया बुखार के लिये नुस्खा

  • मलेरिया का तेज बुखार होने पर कुछ समय के अन्तराल से बार-बार ठंडे पानी की पटटी रखने से आराम मिलता है।

घमोरिया अलाइंया

  • घमोरिया होने पर तेज ठंडे पानी में कपडा भिगोकर जहां घमोरिया निकली हो उन पर रखें इस तरह घमोरियों पर कपडा बार-बार तेज ठंडे पानी में डुूबोकर लगातार कुछ मिनट रखें इस तरह शीतल प्रयोग से घमोरियों की खुजली जलन दूर होकर मीट जाती है।

पानी से आतंरिक सफाई

  • एक गिलास गुनगुने पानी में निबू या ग्वार पाठा का रस मिलाकर पीने से शरीर के अंदर की सफाई होती है।
  • पानी को थोडी-थोडी मात्रा में बार-बार पीना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना गया है। प्यास के समय इच्छा के विपरित बेहद ठूस-ठूस कर जल पीना हानिकारक होता है।
Pani pine ke fayde labh

Jaaniye Pani pine ke achuk faydei ke bare me.

पानी का अवरोधन कम कैसे करें

  • पाचन क्रिया के समय शरीर में कुछ हानिकारक पदार्थ भी बनते है अगर यह पदार्थ शरीर से बाहर न निकले तो इसका सांस पर बुरा प्रभाव पडता है। जब शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है। तो यह पदार्थ शरीर में ही रह जाते हैं और शरीर को नुकसान पहूचाते है। जैसे सुस्ती दूर न होना, भूख न लगना, सिर दर्द , घबराहट।

दमा के मरीजों के लिये

  • दमा का दौरा पडने पर हाथ और पैर गर्म पानी में दस मिनट तक डुबोकर रखें इससे बहुत आराम मिलता है।

मोंच व चोंट लगने पर

  • जिस जगह पर चोंट लगी हो उसे बर्फ के पानी में डूबो देना चाहिए। यह संभव न हो तो बर्फ के टुकडे थैली में रखकर सेंकना चाहिए। 15 मिनट तक यह करें। पहले दस घंटों में हर 2 घंटो के बाद यह करते रहे। सेंक करते समय यह सावधानी रखें कि बर्फ त्वचा से सीधी न छुएं, बर्फ कपडे में लपेट कर या पोलीथीन की थैली पर लपेट कर लगाये।

पथरी की समस्या होने पर

  • स्वस्थ्य व्यक्ति को रोजाना कम से कम 3 Litre पेशाब होना चाहिये। अगर इससे कम पेशाब होता हो तो यह पथरी होने का संकेत होता है ओर ऐसे में पानी ज्यादा पीने का प्रयास करें।
  • पेशाब बंद होने पर रीढ की हडडी पर गर्म पानी से सेेंक करने से पेशाब आने लगता है।

थकान दूर करने के लिये स्नान (Bath)

एक कप नमक, एक कप खाने का सोडा, एक कप Salt यह सब चीजें मिलाकर कांच के शीशे में भर लें बाल्टी में गुनगुना पानी भरना शुरू करें, इसी के साथ इस मिश्रण का पौंन कप थोडा-थोडा करके बाल्टी में छोड दे घोल लें यह पूरी तरह घूल जाना चाहिए।

अब इससे स्नान करें। दिनभर के कडे परिश्रम के बाद यह उत्तम स्नान है। नहाते-नहाते ही आपकों अपनी मांसपेशिया मुलायम पडती मालूम होगी। इससे त्वचा में खुष्की आती है इसलिए नहाने के बाद तेल की मालीष भी करें।

पेट दर्द होने पर

  • पेट को गर्म पानी की बोतल से सेंकने पर सभी तरह के पेट दर्द से आराम होता है।

तेज प्यास लगने पर

  • अगर तेज प्यास लगती हो तो गर्म पानी पीने से ठीक हो जाती है।

घाव हो जाने पर

  • चोंट से घाव होने पर ठंडे पानी से भिगा हुआ कपडा बांध दें, और कपडे को हमेशा गीला रखें इससे घाव जल्दी ठीक हो जाता है।

थकावट (शरीर में थकावट महसूस करना)

  • गर्म पानी में थोडा सा नमक और निंबू निचोडकर पैर डुबोये रखें फिर अंगुलीयों पर तेल की मालिश करें मरोडें इससे थकान शीघ्र दूर होती है। ठंडे पानी से दोनों पैरों को घुटने तक धोने से थकान दूर होती है।

गला सुख जाने पर

  • बहुत से लोग लेंरेनजाइटीस का गला सुखने से पीढित रहते हैं, ऐसा जुकाम टाॅंसीन की गडबडी के कारण होता है। इससे छुटकारा पाने का सबसे अच्छा उपाय यह हैं कि आप पानी खुब पीयें। दिनभर में कम से कम दस से बारह गिलास पानी पीना चाहिए। पानी गुनगुना हो न ज्यादा गर्म न ज्यादा ठंडा।
  • अगर आपकी आवाज बैठ गयी हो तो बहुत ही कम और धीरे बोलें। बेहतर होगा एक दो दिन मौन धारण कर लें। मूंह में मींट या मेंटल भी न डालें। यह भी गला सुखाता है। और Vocal Cords को प्रभावित करता है।

जुकाम में आराम दिलाता हैं

  • गर्म पानी में दोनों पैर रात को सोते समय 5 मिनट डुबोयें रखें इससे जुकाम में लाभ होगा। निंद भी अच्छी आयेगी।

अनिद्रा के रोगियों के लिये

  • निंद न आने पर सोने से पहले सिर ठंडे पानी में भीगोकर 5-10 मिनट तक गर्म पानी में पिंडलियों तक दोनों पैर रखना चाहिए। इसे उष्णपाद स्नान कहते है। अगर चक्कर आते हुए मालूम होते हो तों सिर पर गिला रूमाल रखना चाहिए।

कमर दर्द खत्म करने के लिये

  • गर्म पानी पीयें। अगर पानी ठंडा ही पीना हो तो पानी में पांच पत्ते तुलसी या दो छोटी इलायची पिसकर डालकर उबालें, सुबह उबले पानी को शाम तक और शाम को उबले पानी को सुबह तक पीयें इससे कमर दर्द में लाभ होगा।

Heart Attack से बचाता है पानी

  • लोमा लिंडा युनविर्सीटी में किये गये एक अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार पानी ज्यादा पीना अटैक से बचाता हैं । पानी भरपूर पीने से Heart Attack का खतरा 54 प्रतिशत तक कम हो जाता हैं। ज्यादा पानी पिने से खून पतला बनता हैं और इससे खून के थक्के नहीं बनते |

जुकाम से नांक बंद हो जाना

  • नांक से भांप खिचें, भाप में नांक से सांस लें और मूंह से सांस छोडे इससे बंद नाक खुल जाती हैं। रात को सोते समय गर्म पानी निंबू शहद मिलाकर पीने से सर्दी से बचाव होता है। जुकाम होने पर ज्यादा मात्रा में गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए।
  • इससे बहुत फायदे होते है। जुकाम में गले के अन्दर खराश पैदा हो जाने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करने से जुकाम में काफी लाभ मिलता है। ऐसा करने से जुकाम के रोगाणु भी नष्ट हो जाते है।

आंखों को स्वस्थ करें

  • भोजन करने के बाद हाथों को पानी से धोकर गिले हाथो की दोनों हाथो की हथेली आपस में रगडकर आंखों पर लगायें इस तरह रोजाना करने से आंखों में कभी भी कोई रोग नहीं होता और अगर कोई रोग हो तो दूर हो जाता हैं।
  • आँखों का सेंक – कपडे को पांच बार मोडकर दो इंच की गोल गदी बना लें फिर उसे पानी में भिगोकर ठंडा करलें तथा पलक बंद कराकर अदल बदल कर पलकों पर रखें बर्फ न होने पर ठडे पानी से संक करेे।

आंखों की ज्योति बढ़ाने के लिये

  • 1 बाल्टी में साफ पानी भरकर चेहरा डूबोकर आंख बार-बार खोलें और बन्द करें इससे आंखों की ज्योति बढती है।

नहाने के लिये

  • बूढ़े और निर्बल मनुष्यों को छोडकर गर्म पानी के जगह ठंडे पानी से स्नान (Bathing) करना सबके लिए हितकर होता है चाहे मौसम सर्दी का ही क्यों न हो। अगर किसी व्यक्ति का दिल घबरा रहा हो, बैेचेनी महसूस हो रही हो तो ठंडे पानी से स्नान लाभकारी होता हैं।

कमर का मोटापा कम करने के लिये

  • 5 चम्मच जामुन का सिरका एक गिलास पानी मे मिलाकर सुबह भूखे पेट पीते रहने से कमर का मोटापा दूर हो जाता है।

बच्चों का मोटापा बढ़ाने के लिये

  • ताजा जल चार घंटे धूप में रखें फिर इससे बच्चों को रोजाना एक निष्चित समय पर नहलाये इससे बच्चा मोटा हो जाता है।

बिछु के काटने पर

  • बिच्छु काटने पर तत्काल पानी से नाहलें । विष उपर नहीं बडेगा।

खांसी होने पर

  • हथेली में पाच बून्द पानी डालकर दोनों हथेलीयों को आपस में रगडे फिर गले से छाती, पसली, पीठ पर उपर से से नीचे 3 बार रोजाना मालिष करें इसके साथ करेले की सब्जी खायें खांसी ठीक हो जायेगी।

मूंह का दर्द होने पर

  • मुंह और दातों के दर्द में नमक को गरम पानी में डालकर गरारे करने से दर्द दूर हो जाता है। दांत निकलवाने के बाद होने वाले रक्त स्त्राव में ठंडे पानी से गरारे करने से रक्त स्त्राव बंद हो जाता हैं।

नकसीर (नाक से खून बहने पर)

  • ठंडा पानी सिर पर धार बांधकर डालने से खून गिरना बंद हो जाता है। ठंडे पानी में कपडा भिगोकर ललाट पर रखने से नकसीर बंद हो जाती है।

अपच (खाना ठीक से नहीं पाचन)

  • अपच में पानी दवा का काम करती है। खाना खाने के बाद तुरंत ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिये, खाना खाने के आधे घंटे बाद पेट भर पानी पिलाने से अपच की समस्या नहीं होती |

तत्काल शक्ति प्राप्त करें पानी से

  • जब आप थकें हुए हों, सुस्ती भरी होतो दोनों हाथों को ठंडे पानी में डूबों दें या नल का पानी खोलकर नल के नीचे दोनों हाथो को आधा मिनट रखें, फिर पानी से दोनों हाथों को दूर कर दोनों हाथों के बीच की उंगली मध्यमा से पूरे चहरे को थपथपाऐं आपको तत्काल शक्ति प्राप्त होगी। आप ताजगी अनुभव करेंगे।

Dehydration के होने का कारन और बचाव

  • हमारे शरीर में हमेशा पानी की एक उचित मात्रा होनी चाहिए। जब भी किसी बीमारी से शरीर में पानी की मात्रा कम होती है व्यक्ति Dehydration का शिकार हो जाता है।
  • इससे शरीर में मौजुद उत्तकों में पानी की कमी हो जाती है और आंतरिक अंग शारिरिक गतिविधियां प्रभावित होती है। कभी-कभी कम पानी पीने और ज्यादा पसीना निकलने से भी डिहाइडेषन होता है।

दांत दर्द

  • पहले दो मिनट गर्म पानी मुंह में रखें फिर बहुत ठंडा पानी 2 मिनट मूंह में रखें इस तरह चार भाग करें। गर्म पानी से कुल्ले करें।

पानी के वास्तुदोष

वास्तुशास्त्र में पानी को संपत्ति मन हैं अगर आपके घर में नाल या टोंटी से पानी टपक रहा हो तो उसे जल्दी ठीक करवा लें, नल ठीक नहीं कराने पर पानी की तरह आपके घर का सारा धन चला जायेगा, ठीक इसी तरह अगर पानी निकलने का रास्ता अवरुद्ध हो गया हो तो उसे भी ठीक कराये नहीं तो घर में उन्नति नहीं होंगी |

मकान के घर के सामने फव्वारे बनवाये इससे घर में सदा सम्पन्नता बानी रहती हैं | मकान मं पानी का सिंक उत्तर दिशा में रखें | इससे घर में शान्ति रहेगी और रहने वालों का भविष्य अच्छा बना रहेगा |

Ummid hai doston aapko drinking water benefits in hindi pani pine ke fayde labh ke baare me puri jankari mil gai hogi. “Bin Paani Sab Sun” Paani dharti par mojud ek aesa tatva hai jiske bina koi bhi praani ji nahi sakta, ham sab paani ka mahatva to jaante hi hai.

Lekin shayad pani pine ke kon-kon se labh hote hai eske baare me bahut kam jaante hai, bahut se logon ko yah bhi nahi pta hota hai ki paani kab or kitna pina chahiye.

Paani pine ke liye bhi nischit samay hota hai jo ki hamne aapko upar bta diya hai. agar aapko pani ke benefits ke baare me pta ho yaa aap eske benefits ke baare me ok kuch janna chahte ho to comments ke jariye hamse puchiye.

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