अकबर बीरबल का प्यार | Love Of Akbar Birbal, Bachhon ki kahani

अकबर बीरबल का प्यार

akbar birbal ki dosti pyar

एक बार बादशाह अकबर और बीरबल के बीच मतभेद हो गया । बादशाह ने उन्हें दीवानीे से निकाल दिया। बीबरल चले गये कुछ दिनों बाद बादशाह को अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने बीरबल को बुलाया तब पता चला कि बीरबल तो घर-बार छोड कर कही चले गये है।

बादशाह ने उनकी खोज करायी मगर वे नही मिले अंत में बादशाह ने ऐलान कराया कि जो व्यक्ति पांच सवालों के सही जवाब देगा उसे दिवान बनाया जाएगा। बहुत से लेाग आये मगर कोई भी दरबार की ओर से पूछे गये सवालों के जवाब न दे सका आखरी में एक मसखरा सा बुढा आया, उसकी परीक्षा शुरू हुई-

  • पहला सवाल, शरीर का पहला गुण क्या है ? उत्तर में उसने कहा – आरोग्यता
  • दुसरा सवाल सबसे बडकर शस्त्र क्या है ? उत्तर – बुद्धि ही सबसे श्रेष्ठ शस्त्र है।
  • तीसरा सवाल अगर चीनी और रेत मिल जाये तो जल में डालने के अलावा उनको अलग-अलग करने का क्या उपाया है? उत्तर – उनको प्रथ्वी पर फैला दिया जाये, चीनी को चीटियां उठा ले जायेगी और रेत पड़ी रह जायेगी।
  • चौथ सवाल क्या तुम समुद्र का पानी पी सकोगे ? उत्तर – आप समुद्र में जाने वाली सब नदियों का पानी उसमे जाना बंद कर दें तो मैं पी सकता हूं
  • पांचवा सवाल, बिना आग के आदमी और किससे जलता है ? उत्तर – चिंता से

ऐसे उत्तर सुनकर सभी लोग आश्चर्यचकित रह गये और उसकी प्रशंसा करने लगे ,
अब एक सवाल का जवाब और दो बादशाह ने कहा- बीरबल कहां है ? उत्तर – आपके सामने, कहकर बीरबल ने अपना मस्करा वेश उतार दिया।

उसे देखकर बादशाह बेंहद खुश हुए और सिहासन से उठकर उसे गले से लगा लिया। ओह बीरबल तुम कहां चले गये थे, अब मुझसे कभी मत रूठना। उनका मिलन देखकर सभी दरबारी भावुक हो उठें। ऐसा था अकबर बीरबल का प्यार।

Bachhon ki Kahaniyan Hindi Mein

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