जैसा सोचोगे वैसा बनोगे – Power of Our Thoughts (What You Think You Become)

loading...
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

Human Thoughts Power in Hindi

thoughts power in hindi

Thoughts Power

जैसा सोचोगे वैसा बनोगे

This Content is in under construction – Update Will Be Available Soon.

लक्ष्य साधन के लिए एकाग्र चिंतन बहुत जरुरी है. इधर-उधर के अनावश्यक कार्यों मेे लगकर व्यक्ति अपनी क्षमताऐं ही नष्ट करता है.

यदि व्यक्ति का आदर्ष स्पष्ट रूप से उसके सामने बना रहे तो उसे निरंतर प्रेरणा inspiration प्राप्त होती है. इसलिए समृद्ध बनने के लिए जरुरी हैं कि हमारे मन में लगातार समृद्ध बनने के विचार thoughts विद्यमान हो.

यह विचार आदर्श की ओर बढने को inspire करेंगे. यदि मन में संकीर्णता है तो विचार भी संकीर्ण होंगे. संकीर्णता के कारण ही मानसिक रूढिवादिता को प्रोत्साहन मिलता है.

संकीर्ण विचारों वाला व्यक्ति स्वयं को इस संसार से निकालकर एक अंधेरे कुऐं में कैद कर लेता है. हमें अपने जीवन से वही कुछ प्राप्त होता है जो हम उससे मांगते है.

हमारा वातावरण हमारी परिस्थितियां हमारा व्यक्तित्व आदि सभी कुछ हमारे विचारों के अनुरूप ही स्वरूप धारण करते है. जो व्यक्ति लगातार गरीबी के डर से आक्रांत है वह स्वतः ही निकम्मा हो जाता है.

जो व्यक्ति यह समझते है कि समृद्धि हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और उसे प्राप्त करने का कोई भी प्रयत्न कभी निष्फल नहीं होगा। समृद्धि एक न एक दिन अवष्य ही उनके चरण चुमती है।

केवल मनुष्य ही ऐसा प्राणी है जिसने इस प्रथ्वी पर इतनी उन्नति की है और आप यह अनुमान कर सकते है कि यह उन्नति कैसे संभव हो सकी।

इसका स्पष्ट उत्तर है विचारों से व्यक्ति की कल्पना से, और व्यक्ति के उत्साह से । जिन व्यक्तियों में स्वतंत्र विचार शक्ति ‘Freedom less power of thought’ होती है वे अंधकार में भी प्रकाश ढुंढ लेते है। ऐसे व्यक्तियों से बातचीत करने पर संतोष का अनुभव होता है।

दूसरे प्रकार के व्यक्ति वे होते है जिनका व्यक्तित्व उलटे दर्पण के समान होता है ऐसी स्थिति में जो व्यक्ति उनके संपर्क में आता है वह उन्हीं की भांति निराषा और हताषा अनुभव करता है।

दुख-दर्द की स्थिति में हमें ऐसे लोगो से नहीं मिलना चाहिए। वस्तुतः ऐसे लोगों के चारों ओर एक अनिष्चित चक्र चलता है। वे जहां भी जाते है। उनके विचारों का बडा प्रभाव पडता है। इससे बचने का उपाय यही है कि मन में दुषित और अधकचरें विचार न आने दिये जाये।

जितना भी हो सके उनसे बचे रहे। निराष पूर्ण विचार षरीर के पूर्ण निर्माण में भयंकर बाधा डालते है। इस प्रकार के विचार जितने अधिक होंगे, शरीर का विकास रूकता चला जायेंगा। स्वार्थ, लोभ, मोह और अन्य प्रकार के व्यसन बुढापे के मित्र नहीं है।

Personality Development Articles in Hindi –
Save Environment Before its too late | कहीं देर ना हो जाये

यदि आप इनमें से किसी को भी अपनाते हैं तो बुढापा साथ नहीं छोडेगा। जीवन में निराशा से बढकर यौवन का कोई दूसरा शत्रु नहीं है। जिस निराशावादी व्यक्ति ने जीवन को खंडहर के समान समझ लिया वह न आगे बढ सकता है न ही यौवन का सुख ही भोग सकता है।

वस्तुतः उसने अपनी प्रसन्नता की हत्या स्वयं की होती है। धरती पर जितनी सुख, संपत्ति, धन-दौलत है वह इस प्रकार के व्यक्ति के लिए व्यर्थ होती है। ऐसे व्यक्ति असमय ही काल के मूंह में चले जाते है।

सफल लोगो का जीवन इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि युवा बने रहने के लिए मनुष्य के मन में आशा की ज्योति जलती रहनी चाहिए। अर्थात मनुष्य का जीवन आशावादी होना बहुत आवश्यक है। –

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.
नमस्ते दोस्तों हमसे Facebook पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे. हमारा Group Join करे और Page Like करे. "Facebook Group Join Now" "Facebook Page Like Now"
loading...

Leave a Reply

error: Please Share This but dont Copy & Paste.