Top Celebrity’ जिन्होंने हमारी राष्ट्र भाषा को बढ़ावा दिया National language Hindi

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हमारे मौजूदा प्रधानमंत्री जी ने हमारी हिन्दी मात्र भाषा को एक नया पुनर्जन्म दे दिया | उन्होंने हिन्दी भाषा को उपयोग में लाने के लिए काफी सुधार भी किये | और उन्होंने इस तरह हमारी मात्र भाषा को एक नए High Peak तक पहुँचाने में बहुत अच्छे ढंग से प्रचार-प्रसार भी किया

हमारी Indian history में ऐसे बहुत से लोग हुए है जिन्होंने हिन्दी भाषा को ताजा बनाये रखा और जन सामान्य लोगों में हिन्दी भाषा की प्रतिष्ठा बनायीं रखी, तो आइये आज हम उन कुछ महान selected लोगों के बारे में जाने जिन्होंने हिन्दी भाषा को सुगन्धित बनाये रखा |

1 . भारतेंदु हरिश्चंद

यह वह शख्स है जिसने अपनी प्रतिभा का उपयोग करके हमारी हिन्दी भाषा को राष्ट्र-भाषा के रूप में प्रतिष्ठित किया | जिसे हम खड़ी भाषा या (खड़ी बोली) कहते है उसकी स्थापना करने में खास भूमिका निभाने वाले भारतेंदु हरिश्चंद ने बहुत से हिन्दी सेवियों और साहित्यकारों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें आर्थिक सहायता के साथ-साथ सभी तरह की सहायताएं दी | यह महान शख्स हिन्दी की आधुनिक दुनिया के पितामह भी कहे जाते है |

यह आधुनिक हिन्दी के रचनाकार भी थे | इस महान व्यक्ति ने आधुनिक समय में हिन्दी भाषा के साथ-साथ देश की गरीबी, संकटमयता, और शासनो द्वारा जन सामान्य पर किये गए शोषण को हटाने में भी इन्होने भूमिका निभायी | इनका पूरा नाम तो ‘हरिश्चंद’ था, ‘भारतेंदु’ तो इन्हें उपाधि के रूप में प्राप्त हुआ था |

2. आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

Mahavir Prasad Dwivedi

हिन्दी के आधुनिक साहित्य का दूसरा युग ‘द्विवेदी युग’ (1893-1918 ) इनके नाम से जाना जाता है | आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी  हमारी मात्र भाषा हिन्दी के एक युगप्रवर्तक, पत्रकार, व महान साहित्यकार थे, हमारी आज की दुनिया में भी आचार्य जी द्वारा लिखे गए अनेक निबंध ज्ञानपुरवक और काफी प्रभावी है | इन्होने हिन्दी की स्पष्टता पर भी कहीं कार्य किये |

3. देवकीनन्दन खत्री

Devaki Nanadan Khatri

इनके द्वारा लिखे गए चन्द्रकान्ता उपन्यास के रसास्वादन को लेने के लिये बहुत से गैर हिन्दी भाषियों ने इस उपन्यास के लिये हिन्दी सीखी | मात्र भाषा के प्रचार प्रसार करने में इस उपन्यास ‘चन्द्रकान्ता’ ने बढ़ी भूमिका निभायी | इन्होने चन्द्रकान्ता के साथ-साथ, चन्द्रकान्ता संतति, काजर की कोठरी जैसी बहुत सी मनमोहक रचनाओ के उपन्यास लिखे | इनके चन्द्रकान्ता उपन्यास ने लोगों में हिन्दी पढने की लालसा जगा दी थी |

4. मुंशी प्रेमचंद

Premchand

मुंशी प्रेमचंद जी उपन्यास और हिन्दी कहानियो की एक ऐसी परम्परा का विकास किया जिसने अब तक की पूरी सदी के साहित्यो का अनोखा मार्गदर्शन किया | प्रेमचंद जी ने साहित्य की यथार्थवादी परंपरा की एक ऐसी नीव रखी जो की आने वाली पूरी पीढ़ियों को गहनतम तक प्रभावित करेंगी |

हिन्दी साहित्य में इनके लेखो ने एक ऐसी भूमिका निभायी है की ईसके बिना हमारी मात्र भाषा हिन्दी के विकास का अध्यन अधूरा ही होगा |  और इस महान पुरुष को नवाब राय के नाम से भी जाना जाता है, इन्होने कर्मभूमि ,रंगभूमि , गोदान, जबान, और सेवासदन जैसे उपन्यास लिखे.

5. कवि प्रदीप

Kavi Pradeep

ये वह व्यक्ति है जिन्होंने हमारी मात्र भाषा हिन्दी के साथ-साथ देश भक्ति में भी अहम भूमिका निभायी | भारत के श्रेष्ठ कवियों में गिने जाने वाले प्रदीप जी ने ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ नामक गीत (जो की लफ्जों में देशभक्ति जाहिर करता है) (1962) के  चीन और भारत के युद्ध में शहीद हुए सैनिको श्रद्धांजलि में यह गीत लिखा था |

उनके इस गीत को 26 जनवरी को दिल्ली रामलीला के मैदान में प्रसारण किया गया | इस गीत को सुनकर जवारलाल नेहरू सहित वहां मौजूद लोगों की आँख भर आई थी | इस गीत के साथ-साथ नन्हा मुन्ना राही, व आदि गीत भी प्रदीप जी की कलम से लिखे गए थे | उन्हें इन सब गीतों के लिये दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भी मिला था |

6. अटल बिहारी वाजपेयी

Atal Bihari Vajpayee

हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी जी ने हिन्दी के महत्व को अनोखे अंदाज़ में निभाया | इनके सम्बोधनों को सुनकर लोग मंत्रमुग्द्ध हो जाया करते थे | अटल जी एक बहुत ही अच्छे इंसान थे और वह कवि भी थे, शासकीय कामो में भी हिन्दी के बढ़ावे के लिये इन्होने प्रभावी प्रयास करवाये |

7. लता मंगेशकर

Lata Mangeshkar

हमारी मात्र भाषा हिन्दी को बढ़ावे देने में अहम भूमिका निभाने वालों मैसे एक नाम ऐसा भी है जो की किसी पहचान का मोहताज़  नहीं | वह कोकिला वाला स्वर जिसके लिये पूरा भारत दीवाना है | हिन्दी भाषा को विश्व मंच प्रदान करने में लता मंगेशकर की भूमिका कभी नहीं भूली जा सकती | लता जी ने समस्त प्रकार के गीत गाये हैं उनके स्वर ही कुछ ऐसे है जिनके लिये पूरा देश दीवाना है |

8. अमिताभ बच्चन

Amitabh Bachchan

नायको के नायक, महानायक श्री अमिताभ बच्चन जी हिन्दी भाषा को चार चाँद लगा दिये, और क्यों न लगाये आखिर बच्चन जी की रगो में तो इनके पिता हरिवंश राय बच्चन जी का खून था | उनके पिता जी भी हिन्दी साहित्य के रचनाकार थे | ऐसा सुनाने में आता है की अमिताभ बच्चन जी जैसा हिन्दी का शुद्ध उच्चारण उनके सामान शायद ही कोई और कर पाये | अमिताभ जी अभी के bollywood  industrie  के सबसे Senior नायक है | उनके सामान नायक खोजना असंभव है

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