एडिसन और इस्मत – 3 Most Motivational Stories For Students in hindi

यहां 4 Stories पेश की जा रही हैं जो की आपके अंदर एक चिंगारी पैदा क़र सकती हैं, आखिरी कहानी हैं इस्मत की, CBSE 12th Class Topper | आप पहले यह ऊपर की कहानियां पढ़ें फिर आखिर में इस्मत की कहानी हैं, उसके संघर्ष के बारे में फिर उसे पढ़ें | Students

Motivational Stories for Students in hindi

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Story 1 On Determination

Thomas Alva Edison Childhood Story – वह रोता हुआ घर आया | हाथ में एक शिकायती पत्र था, जो अध्यापक ने उसके हाथ में थमा दिया था | पत्र में लिखा था, ‘आपके पुत्र में बुध्दि बिलकुल भी नहीं है, इसे पढ़ाने से कोई लाभ नहीं, बेहतर होगा आप इसे किसी कार्य में लगा दें |’ मां ने बेटे के आंसू पोंछकर चुप कराया | उससे वह पत्र लेकर पढ़ने लगी |

फिर पुचकारते हुए कहा, ‘स्कुल वालों के लिए तू मंदबुध्दि है, लेकिन तुझे में पढ़ाउंगी |’ अंतत: मां का परिश्रम सफल रहा | वह बड़ा होकर विश्व का महान वैज्ञानिक बना | नाम था उसका थॉमस अल्वा एडीसन | उसने बल्ब का तो अविष्कार किया ही, इसके अलावा भी अन्य कई आविष्कार किए |

Lose Yourself in Your Goal

एडिसन अपनी लैब में – अपने लक्ष्य में तल्लीन होना, वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडीसन अपने कार्य में इतने तल्लीन रहा करते थे की प्रयोगशाला से बाहर निकलने को भी फुर्सत नहीं होती थी | इस आदत से उनकी पत्नी बहुत परेशान रहती थी | एक दिन एडिसन प्रयोगशाला में कोई प्रयोग कर रहे थे | उनकी पत्नी ने उन्हें बार-बार पुकारा | लेकिन वह इतने तल्लीन थे की उन्होंने आवाज़ नहीं सुनी |

कार्य समाप्त होने पर जब वह बाहर आए तो उनकी पत्नी बोली, ‘ आप नित्य रात-दिन काम में लगे रहते हैं | कभी मन बहलाव के लिए अन्य कार्य भी कर लिया करें |’ एडिसन बोले, ‘ अच्छा तो बताओ, अवकाश करने मुझे कहाँ जाना चाहिए ?’ उनकी पत्नी बोली, ‘कहीं भी जा सकते हो, जहाँ आपका मन चाहे | ‘ठीक है, में वहीँ चला जाता हूँ |’ इतना कहकर वह फिर से प्रयोगशाला में चले गए |

इसे कहते है सफलता प्राप्त करने का जूनून | आप अगर सफल होना चाहते हैं तो ठीक इसी तरह अपने लक्ष्य में डूब जाये | यही सफलता की Secret हैं

Positive Thinking For Success

सकारात्मक एडिसन – लगातार जोरों की मेहनत करने के बाद भी एडिसन को स्टोरेज बैटरी बनाने में 25 बार असफलता मिली | लेकिन वे हिम्मत नहीं हारे और उन्होंने 26 वि बार नए तरीके से अविष्कार करने का सोचा और वह सफल हुए |

स्टोरेज बैटरी को बनाने में सफलता हासिल करने के बाद किसी ने उनसे पूछा की आपको यह सफलता हासिल करने में 25 असफलताओ का सामना करना पढ़ा, इसमें आपका मूल्यवान समय व्यर्थ ही चला गया, इन 25 बारों के असफल प्रयोगो के बारें में आप क्या कहना चाहेंगे |

तब एडिसन ने उत्तर दिया – आपका नजरिया बिलकुल ही गलत है, मैने इन 25 असफल प्रयोगों में कुछ भी व्यर्थ नहीं गंवाया | जबकि मुझे तो 25 ऐसे तरीके मालुम हुए, जिन्हें उपयोग करने से स्टोरेज बैटरी का बनना नामुंकि होता है |

Moral Lesson

Moral-

जरा सोचिये – आपको तो कभी स्कुल वालों ने ऐसा शिकायत पत्र नहीं भेजा था | यानी की आप जरूर एडिसन से पढाई में बेहतर रहे होंगे | लेकिन ये क्या आप तो, कुछ खास नहीं कर पाये |

बहुत से लोगों के साथ ऐसा ही होता है, की पढाई में अच्छी डिग्री पा लेने के बाद वह खुद स्कूलों में पढ़ाने लग जाते हैं | मुझे यह बात समझ नहीं आती की, क्या आपने सिर्फ एक शिक्षक बनने के लिए पढाई की थी | शायद हां, अधिकतर लोग पढाई को पढाई के हिसाब से नहीं करते उनका मकसद होता हैं, ‘ नौकरी ‘ (Jobs) और इसलिए वे यही तक सिमित रह जाते हैं |

पढाई और डिग्रियां तो वे बड़ी-बड़ी हासिल कर लेते हैं – लेकिन छोटी सोच होने के कारण वह कुछ ख़ास नहीं कर पाते | चलिए अपनी बात पर आते हैं, मेरा कहने का मतलब तो यह है की जिस तरह एडिसन को शिकायत पत्र मिला था, वैसे आपको तो नहीं मिला न, यानी एडिसन बचपन में पढ़ने लिखने में आपसे भी ज्यादा कमजोर थे |

लेकिन उन्होंने द्रढ परिश्रम कर के बड़े-बड़े अविष्कार किये | वह इंसान जिसे पढाई न करने के विषय में शिकायत पत्र प्राप्त हुआ हो, वह इतने महान कार्य कर सकता हैं तो फिर आप क्यों नहीं कर सकते, आपको तो कोई शिकायत पत्र नहीं मिला था ?????

इस्मत ने लिखी मेहनत से किस्मत

CBSE topper in hindi

CBSE Topper

लीलोंग गांव में वैसे भी दिन में दो चार घंटे ही बिज़ली रहती है उस पर इस्मत के घर पर न बिज़ली न Internet न आधुनिक जीवन की कोई High-Tech Facilities थी। पढने के लिए स्कूल भी कई किलोमीटर पैदल चलकर और फिर बस से जाना पडता है।

इन सब आभावों के बीच प्रतियोगिता का शहरी माहोल न होने के बावजूद इस्मत ने CBSE 12th में देश भर में पहला स्थान प्राप्त कर साबित कर दिया कि अगर सकंल्प पक्का हो तो मुश्किलें मौकों में बदल जाती है।

CBSE के इम्तेहानं में शामिल 8 Lakh बच्चों मे सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाले इस्मत को भरौसा नहीं हो रहा था की वह Top क़र चुका है। उसने विज्ञान शाखा से पढाई करते हुए गणित, रसायन विज्ञान, पेंटिंग और ग्रह विज्ञान में 100 में 100 अंक हासिल किये है।

ज़बकि English में 98 और भौतिक विज्ञान में 97 अंक प्राप्त किये है। इसके साथ ही इस्मत ने 4 Subjects में 100 में से  100 Numbers पाने का भी Record तोडा है। एक और किर्तिमान उसके राज्य और सभी उत्तरपूर्वी राज्यों के खाते में गया है। क्योंकि वह देश के इस हिस्सें से पहला CBSE Topper बना है।

ग़रीबी के आलम में वह अपने परिवार में अपनी 6 बहनों के बाद सबसे छोटा है। उसके ‘वालिद मौलाना बशीर उर रहमान’ सरकारी मदरसें में Teacher है। उन्हें महीनें के 2 हजार रुपये तनख्वाह मिलती है।

और उसी के सहारे पुरा घर चलता है। पढाई के लिए रोजाना बारह किलोमीटर सफर तय करने वाला इस्मत घर में सबसे छोटा है। 2 साल की उम्र में अपनी मां Shadidan B.B को खो देने के बावज़ूद इस्मत ने सब्र और संयम के साथ अपनी पढाई से कभी समझौता नहीं किया।

इस्मत ने 8th तक की Study इंफाल के Kendriya School से की है। उसके बाद उसने इंफाल के सैनिक स्कूल में दाख़िला लिया 10th Class के इम्तेहान में उसे 94.2 अंक प्राप्त हुए और उसने मणीपुर में दूसरा स्थान हासिल किया था।

लेकिन सैनिक स्कूल का खर्च ज्यादा होने के वजह से उसे वहां से पढाई छोडनी पडी किस्मत से उसे इंफाल के Zanith Academy के प्रबंधक सचिव मनोओतेान सिंह मिले और उन्होंने उसकी पढाई जारी रखने के लिए उसकी आर्थिक मदद की ।

सिंह के अनुसार बारहवी कक्षा में दाखिले के लिए फीस न भर पाने के कारण वह लगभग परीक्षा से बाहर होने वाला था लेकिन जैसे ही मुझे पता चला मैंने उसकी पढाई के लिए जरूरी किताबे और मदद मुहैया करने के साथ साथ उसकी पूरी देखभाल की।

स्कूल के टीचर इस्मत की प्रतिभा के साथ उसकी लगन और अनुषासन के भी कायल है। यहां गणित पढाने वाले टीचर कंगाबंम नीगेथेम शिक्षक कहते हैं कि इस्मत गणित में बहुत होशियार है और उसके कन्सेप्ट बहुत साफ़ है।

मणीपुूर के इस्मत ने उन मान्याताअेां को फिर झुठला दिया जिनके अनुसार विजेता बनने के लिए बडा शहर अच्छा स्कूल या सुविधा संपन्न होना बेहद जरूरी है। तीन महीने पहले CBSE 2012 की बारहवी की परीक्षा में 500/495 अंक पाने वाले पूर्वोत्तर के इस युवा ने मेहनत से मुकाम पाने की नई मिसाल कायम की है।

इंफाल से 20 Kilometer दूर लगभग 20 हजार आबादी वाले कस्बें निलोंग को अब Mohammad Ismat से एक नयी पहचान और एक नया युवा नायक मिल गया है। सबसे ज्यादा अंक पाकर देश के विजेता बने इस्मत का सपना IAS बनने का है।

अभी फिलहाल में Delhi के Sent Stephen में Study कर रहा है। इस्मत अपने गांव के पिछडे बच्चों को बेहतर जीवन देना चाहता है। वह अपनी सफलता को सबके साथ साझाा करके उन्हें संघर्ष करने की सीख के साथ शिक्षित भविष्य भी देना चाहता है।

नामुमकिन कुछ भी नहीं है। अगर दिल से मजबूत इरादा कर लिया जाये तो हर काम आसान हो जाता है। मणीपुर में आये दिन बंद विरोध प्रदर्षन होते रहते है।

बिजली एक दिन में दो तीन घंटे आती है और भी कई तरह की मुष्किले है जिनके बावजूद इस्मत कडी मेहनत दृढ निष्चय (Determination) से पढाई करता रहा और इसलिए यहां पहुच पाया ।

उसने किसी तरह की Coaching नही की और घर पर ही Study की । इस्मत के अनुसार उसे जो कामयाबी मिली उसके लिए वह सबका शुक्र-गुजार हैं । उसके परिवार ने जिस तरह का सहयोग दिया है उसके बिना वह कुछ नहीं कर सकता था। वह अपनी सफलता में अपने स्कूल का जिक्र बार बार करता है।

उसका कहना हैं जब मैं स्कूल में पढ रहा था तो काफी मुसीबतों को सामना करना पडता था। लेकिन मैंने उन्हें अपनी सफलता के लिए आगे बढने का जरिया बनाया और तभी मैं यह सभी हासिल कर पाया।

इस्मत ने कहा हैं मेरे Teachers ने मेरी Help की मैंने खुद पर विशवाश रखा और अनुषासन के साथ मेहनत की। इस्मत के रोल माडल Thomas Alva Edison Or Albert Einstein है। Movies और Science Documentary देखना उसे बहुत पंसद है।

Social Networking के नशे से वह दूर है उसे यह सब पंसद नहीं । फुटबाल के शोकिन इस्मत अपनी सफलता का मूल मंत्र कडी मेहनत बताते हैं। इस्मत अपने पिता बशिर उर रहमान को अपना आदर्ष मानते है ।

वे कहते हैं कि मेरा बचपन चुनौतियों के बीच गुजरा जहां खाने से लेकर पडाई तक के लिए हम सभी को संघर्ष करना पडा। पापा ने हमें मेहनत करना सिखाया और मां और बहनो के प्यार ने आत्मविष्वास दिया।  वाकई इस बात के लिए इस्मत केे पिता की तारीफ की जानी चाहिए कि उन्होंने धर्म समाज और तथाकथित पांबदीयां से उपर उठकर अपने सभी बच्चों की पढाई पर बहुत ध्यान दिया।

इस्मत की सभी बहने ग्रेजुएट है। तारीफ के साथ साथ इस्मत पर इनामों की बारिश हो रही है। जैनिख एकेडमी ने उसे आगे की तालीम पूरी करने के लिए हर तरह की आर्थिक मदद करने की घोषणा की है। मणीपुर सरकार ने भी इस्मत को पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। राज्य के शिक्षा मंत्रि M.O.K.N सिंघ ने भी इस्मत के स्कूल के बेहतर विकास के लिए 10 लाख रुपये देनें का वादा किया है।

इस्मत को दिल्ली में अपने मन चाहे Stephen College में भौतिकी विशय के साथ प्रवेष मिल गया है। हालांकि उसे आर्थिक रूप् से पिछडे वर्ग में आरक्षण मिला लेकिन उसके अंक सामान्य कट आफ से ज्यादा है। उसके 96 फीसदी की पहली ही कट लिस्ट के बाद प्रवेष मिल गया। इसके साथ हि वह उन 10 प्रतिभावान बच्चों में शामिल हैं जिन्हे Hostel Facility दि गयी है।

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One Response

  1. Gaurishankar

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