खुशहाल परिवार का रहस्य – बच्चों की बाल कहानियां

Secret Of Happy Family Story For Kids

जापान ने यामा तो नामक एक सम्राट हुए थे। उनका एक पूर्व मंत्री था, जिसका नाम था- ओचोसान। इस मंत्री का परिवार बहुत बडा था। उस परिवार की पांच पीढ़ियों मे लगभग एक हजार सदस्य थे।

सान के परिवार की खुबी यह थी कि पांचो पीढ़ियों लोग एक ही छत के नीचे एक साथ बेहद प्रेम से रहते थे। वे मिलजुलकर सारे काम निपटाते और सबके सुख-दूख में भागीदार बनते।

परिवार के किसी भी सदस्य पर कोई मुसीबत आये तो सभी एकजुट रहते हुए उसका निदान करते। इस परिवार की ख्याति पूरे देश में थी। सम्राट ने एक दिन सोचा कि इस परिवार की इतनी ख्याति हैं, क्यों न इसे परखा जाये। ऐसा सोचकर वे स्वयं अपने एक मंत्री के साथ अचानक सान के घर जा पहूंचे।

सान उस समय बहुत वृद्ध हो चुका था। जब उसने सम्राट को अपने द्वार पर देखा तो उनका यथोचित सत्कार किया और कक्ष में आदर सहित बिठाया। सम्राट ने सान से पूछा- आपके परिवार की एकता और सोहार्द की कहानीयां बहुत सुनी है। मैं जानना चाहता हूं कि इतने बडे परिवार में यह सब कैसे संभव हो पाता है ?

सान अपनी वृद्धावस्थ के कारण कुछ बोल नही पाया उसने अपने प्रपोत्र को इशारा कर कागज कलम मंगवाई प्रपोत्र उसकी बताई चीजे ले आया, सान ने कागज पर कुछ लिखने की कोशिश की, मगर उसके हाथ कांप रहे थे, जिसकी वजह से कलम नीचे गिर गयी। उसने फिर से कलम उठाई और कागज पर कांपते हुए हाथों से तीन बार लिखा – सहनशीलता, सहनशीलता, सहनशीलता।

सम्राट ने जब कागज पढा तो वे आशचर्य से भर गए। इसके बाद सान ने गुदगुदाते हुए कहा- यदि सहनशीलता का मंत्र हमारे पास हो और नित्य इसका जप किया जाये तो एक परिवार क्या पूरा राष्ट्र या कहे कि पूरा विश्व इसी तरह प्रेम से रह सकता है। आखिर यह समुचा जगत भी तो एक परिवार की तरह ही है। यह सुनकर सम्राट को अपनी जिज्ञासा का समाधान मिल गया।

सार यह हैं कि चाहे परिवार हो या समाज, प्रान्त या फिर राष्ट्र इसमें रहने वाले लोगों के बीच तभी प्रेम व एकता रह सकती हैं जब सभी में सहनशीलता भाव हो। सहनशीलता भावना हटते ही सारी एकता बिखर जाती है।

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